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धामी का सख्त संदेश: उत्तराखंड में कानून तोड़ने वालों की जगह सिर्फ जेल में

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धामी का सख्त संदेश: उत्तराखंड में कानून तोड़ने वालों की जगह सिर्फ जेल में

 

 

देहरादून।

 

सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी छोड़ने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत के बाद उत्तराखंड सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपना सख्त रुख स्पष्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही साफ कर रखा है कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसी नीति के तहत दून पुलिस ने बैरागीवाला हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून अपने तरीके से काम करेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जानकारी के अनुसार 13 जून की शाम बैरागीवाला गांव में खेत में पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि रज्जाक पुत्र मासूम, अमन पुत्र मासूम, यूनूस पुत्र महबूब, जावेद पुत्र मासूम, इम्तियाज पुत्र शम्स, शहबाज पुत्र शहीद, शराफत अली पुत्र स्वर्गीय लियाकत, मासूम पुत्र स्वर्गीय महबूब, आदिल पुत्र इम्तियाज, शमून पुत्र जब्बार, सलमान पुत्र यूनुस, इन्तेजार सहित 30 से 40 अन्य लोगों ने अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ कथित रूप से मारपीट की।

हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां विनोद कुमार पंडित की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर सहसपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103, 109, 191(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रज्जाक पुत्र मासूम, सलमान पुत्र यूनुस, जावेद पुत्र मासूम और शहबाज पुत्र शहीद को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी बैरागीवाला गांव के निवासी हैं। पुलिस अन्य नामजद और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है।

दून पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि दोषियों को कठोर दंड मिल सके। बैरागीवाला हत्याकांड में हुई त्वरित कार्रवाई को प्रदेश में कानून के राज और धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण माना जा रहा है।

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By admin

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