चिकित्सा स्वास्थ्य एंव चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी की विशेष पहल पर मेडिकल कालेज द्वारा हर संस्थानों में सीपीआर ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक 2500 लोगों को उक्त ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

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नर्सिंग कॉलेज के छात्राओं को सीपीआर प्रशिक्षण दिया….

एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने दिया प्रशिक्षण

चिकित्सा स्वास्थ्य एंव चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी की विशेष पहल पर मेडिकल कालेज द्वारा हर संस्थानों में सीपीआर ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक 2500 लोगों को उक्त ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बोले, सीपीआर देना हर किसी को आना चाहिए

श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के एनेस्थिसिया विभाग द्वारा राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ श्रीकोट पौड़ी में 65 छात्राओं एवं 10 स्टॉफ को मंगलवार को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग प्रदान की दी गई। जिसमें CPR देने की हैंड्स-ऑन अभ्यास भी करवाया गया। प्रदेश के माननीय चिकित्सा स्वास्थ्य एंव चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी की विशेष पहल पर मेडिकल कालेज द्वारा हर संस्थानों में सीपीआर ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक 2500 लोगों को उक्त ट्रेनिंग दी जा चुकी है।मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत के निर्देशन में राजकीय नर्सिंग कॉलेज में एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग प्रदान की दी गई। उन्होनें छात्राओं को बताया कि सीपीआर देना हर किसी को आना चाहिए। भारत सरकार द्वारा जो इस तरह से मेडिकल कॉलेज के जरिए स्कूलों एवं अन्य संस्थानों में उक्त पहल शुरु की गई वह जीवन देने में मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने कहा कि सीपीआर से संबंधित प्रशिक्षण से अगर किसी कारण कोई व्यक्ति बेहोश हो गया हो, दिल की धड़कन बंद हो गई हो या पल्स बहुत ही धीमा या नहीं चल रहा हो, तो ऐसी स्थिति में सीपीआर ही दी जाती है। इसकी मदद से पेशेंट को सांस लेने व सर्कुलेशन मेंटेन करने में सहायता मिलती है। कहा कि सीपीआर देने के दौरान हार्ट और ब्रेन में ब्लड सर्क्युलेशन में सहायता मिलती है और इसकी मदद से व्यक्ति को एक नया जीवन भी मिलता है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या सुश्री मीनू परगाई ने छात्राओं के लिए उक्त ट्रेनिंग दिये जाने पर मेडिकल कालेज प्रशासन का आभार प्रकट किया। कहा कि उक्त सीपीआर ट्रेनिंग नर्सिंग पाठ्यक्रम में भी बहुत ही जरूरी है। ध्यान रहे कि नर्सिग आफिसर ही मरीज के साथ सबसे ज्यादा अपनी सेवाये प्रदान करती है।

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