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भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं, धामी सरकार ने पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडेय को किया निलंबित

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भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं, धामी सरकार ने पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडेय को किया निलंबित

 

 

देहरादून।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले पांच वर्षों से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ नीति के तहत लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अब उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने देहरादून के जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

 

दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना के तहत अनुदान जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और शिकायतों के माध्यम से सामने आए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीरज सिंह गर्ब्याल ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए अधिकारी को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए।

जांच की जिम्मेदारी अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को सौंपी गई है। जांच में वायरल वीडियो, शिकायतों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विस्तार से जांच की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बीते पांच वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चाहे कोई भी अधिकारी या कर्मचारी हो, सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यही कारण है कि केवल सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की गई।

 

दीनदयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना राज्य में ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में सरकार इस योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

निलंबन अवधि के दौरान बृजेन्द्र पाण्डेय उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय, देहरादून से संबद्ध रहेंगे। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

धामी सरकार का यह कदम एक बार फिर स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सरकार का संदेश साफ है—जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है और शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई होगी।

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By admin

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