मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर पूर्व आईएफएस अफसर किशनचंदन से जुड़े कई मामलों की जांच जारी थीं विजिलेंस नें फरार चल रहे विवादित आईएफएस अफसर किशनचंद को किया गिरफ़तार…

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मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर पूर्व आईएफएस अफसर किशनचंदन से जुड़े कई मामलों की जांच जारी थीं विजिलेंस नें फरार चल रहे विवादित आईएफएस अफसर किशनचंद को किया गिरफ़तार…

 

 

किशन चंद से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही थी और जांच में विजिलेंस को कई खामियां मिली थी

 

देहरादून विजिलेंस ने वैशाली गाजियाबाद से कई दिनों से उत्तराखंड से फरार चल रहे और बचने के ठिकाने तलाश रहे विवादित आईएफएस अफसर किशनचंद को गिरफ़तार कर लिया है एडीजी विजिलेंस अमित सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है आपको बताते चलें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर किशन चंद से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही थी और जांच में विजिलेंस को कई खामियां मिली थी

 

इसके आधार पर विजिलेंस बयान के लिए किशनचद की तलाश कर रही थी लेकिन वह फरार चल रहे थेबता दें कि किशनचंद पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में तैनाती के दौरान मोरघट्टी और पाखरो में अवैध तरीके से निर्माण कार्य कराने, हरे पेड़ों के कटान, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप लगे हैं।

 

 

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कृपया अवगत कराना है कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग लैंसडाउन क्षेत्र अंतर्गत पाखरो एवं सोना नदी रेंज मैं बड़े पैमाने पर बिना प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमति के निर्माण कार्य प्रारंभ करने एवं वृक्षों का अवैध रूप से पातन किए जाने संबंधी शिकायत की खुली जांच तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती अनुषा बडौला विजिलेंस सेक्टर देहरादून द्वारा संपादित की गई । खुली जांच में यह तथ्य प्रकाश में आए की कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग के पाखरो एवं सोना नदी रेंज में बड़े पैमाने पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य वर्ष 2021 में कराए गए थे तथा वृक्षों का अवैध रूप से पातन किया गया था। खुली जांच के पश्चात राज्य सरकार से इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी गई जिस पर शासन द्वारा मुकदमा दर्ज करने की अनुमति प्रदान की गई। दिनांक 8 अगस्त 2022 को सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल हल्द्वानी में मुकदमा अपराध संख्या 6 2022 पंजीकृत किया गया जिसकी विवेचना पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल द्वारा संपादित की जा रही है। दौरान विवेचना इस मुकदमे में वांछित अभियुक्त किशन चंद द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट को अपास्त करने संबंधी याचिका माननीय उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियुक्त किशनचंद को माननीय उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी स्टे प्राप्त था। दिनांक 30 नवंबर 2022 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा किशन चंद की याचिका खारिज कर दी गई तथा गिरफ्तारी स्टे भी वैकेट कर दिया गया । गिरफ्तारी स्टे वैकेट होने के पश्चात अभियुक्त किशनचंद की गिरफ्तारी के प्रयास किए गए परंतु वह बदस्तूर फरार रहा। दिनांक 5 दिसंबर 2022 को अभियुक्त किशनचंद का गिरफ्तारी वारंट माननीय न्यायालय से जारी हुआ। अभियुक्त के लगातार फरार रहने के कारण माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नैनीताल द्वारा दिनांक 15 दिसंबर 2022 को अभियुक्त के फरार होने की उद्घोषणा जारी की गई जिसकी तामिली अभियुक्त के निवास स्थान हरिद्वार एवं मूल निवास स्थान मेरठ में की गई। आज दिनांक 23 दिसंबर 2022 को अभियुक्त किशन चंद्र पुत्र विजय पाल सिंह निवासी 56 नंद विहार ज्वालापुर हरिद्वार मूलनिवासी कुआं खेड़ा मलयाना मेरठ उत्तर प्रदेश को मैक्स अस्पताल गाजियाबाद से शाम को 17.40 बजे विजिलेंस की टीम द्वारा धारा420/466/467/468/471/409/120B/34 भादवी,13(1)A/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त किशनचंद को कल माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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