प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के 15 हजार गांवों में स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगेगे, जिसके तहत हर छह माह में प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का नि:शुल्क चेकअप होगा

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स्वास्थ्य मंत्री ने बेस चिकित्सालय के इमरजेंसी में वार्ड में सीनियर डॉक्टरों के ना आने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व चिकित्सा अधीक्षक को जल्द एक प्लान तैयार करने के निर्देश दिये

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के 15 हजार गांवों में स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगेगे, जिसके तहत हर छह माह में प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का नि:शुल्क चेकअप होगा

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर मेडिकल कालेज को दी एक और सौगात : 1.46 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक स्किल सेंटर

 

श्रीनगर बेस अस्पताल में 1.46 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक स्किल सेंटर :स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी सौगात

श्रीनगर: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के टीचिंग बेस अस्पताल में अति आधुनिक स्किल सेंटर का शिलान्यास किया। प्रथम चरण में 146.60 लाख की लागत से तैयार होने वाले इस सेंटर में बेस चिकित्सालय व राज्य के समस्त चिकित्सको, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस व डिजास्टर रिस्पांस टीम को इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट, बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस लाइफ सपोर्ट की ट्रैनिंग दी जायेगी।

स्किल सेंटर के शिलान्यास अवसर पर सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की उपलब्धि में एक और अध्याय जुड़ गया है। जिसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्किल सेंटर खोलने के लिये भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था जिस पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडविया ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दी थी। जिसके लिये उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का विशेष आभार जताया।

डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश में इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज को सुधारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। राज्य सरकार का मकसद राजकीय अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और इमरजेंसी डिपार्टमेंट में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज की ट्रेनिंग देना है, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बेहतर स्थिति से निपटा जा सके।

इस अवसर पर एनेस्थिसिया विभाग के एचओडी डॉ. अजेय विक्रम सिंह ने स्किल सेंटर की स्थापना के लिए स्वास्थ्य मंत्री आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने मेडिकल कॉलेज में स्किल सेंटर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सेंटर बनने से यहां नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट कोर्स शुरु किया जाएगा। सेंटर में पांच स्किल स्टेशन, लेक्चर रूम, फैकल्टी रूम सहित तमाम सुविधाएं होगी।

इस मौके पर बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.रविन्द्र सिंह बिष्ट, डॉ. केएस बुटोला, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. दीपा, डॉ. एएन पांडेय, पेयजल निगम के एई अरविंद चन्द्र, जेई मनोज कुमार, विक्रम भंडारी आदि मौजूद रहे।

*प्रदेश 15 हजार गांवों लगेंगे स्वास्थ्य शिविर*

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के 15 हजार गांवों में स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगेगे, जिसके तहत हर छह माह में प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का नि:शुल्क चेकअप होगा। यदि कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित होगा तो उसे जल्द उपचार शुरु किया जायेगा। इसके अलावा उन्होंने डेंगू सहित अन्य बीमारियों के फैलने के दृष्टिगत डॉक्टरों की टीम से विशेष अध्ययन करने की बात कही।

 

*आयुष्मान भव: कार्यक्रम में युवाओं का मिला पूरा सहयोग*

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि आयुष्मान भव कार्यक्रम में 80 प्रतिशत युवाओं का योगदान रहा है। पूरे प्रदेश में आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत 500 कैंप लगाये जा चुके है। रक्तदान के लिए अभी तक 1 लाख 47 हजार लोगों ने पंजीकरण कर दिया है। जबकि 49 हजार लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया है। अबतक प्रदेश में 61 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है, जबकि 1 करोड़ आभा आईडी बनाने का लक्ष्य है। 53 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है, जबकि 90 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी लोगों से आभा और आयुष्मान कार्ड बनाने का आह्वान किया।

 

इमरजेंसी वार्ड को बने सीनियर डॉक्टरों का रोटेशन प्लान

स्वास्थ्य मंत्री ने बेस चिकित्सालय के इमरजेंसी में वार्ड में सीनियर डॉक्टरों के ना आने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व चिकित्सा अधीक्षक को जल्द एक प्लान तैयार करने के निर्देश दिये। कहा कि इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टर ना आने की लगातार शिकायत मरीजों द्वारा की जाती है। जिस पर कॉलेज प्रशासन को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिये। इस पर भी वह समस्त मेडिकल कॉलेजो के प्राचार्य के साथ बैठक कर उसके बाद प्रतिदिन समीक्षा बैठक लेंगे।

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